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हौसले के आगे दिव्यांगता नहीं बनी बाधा, विद्या साहू ने CGPSC में हासिल की सफलता

छठे प्रयास में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर चयन, शासन ने दी 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि

अभय न्यूज मुंगेली।18 अगस्त 2026।

जब हौसले मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सामाजिक, आर्थिक और शारीरिक चुनौतियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। इसका प्रेरणादायी उदाहरण मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम तेलीखाम्ही की दिव्यांग विद्या साहू ने प्रस्तुत किया है। एक हाथ से 70 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांगता के बावजूद विद्या ने हार नहीं मानी और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा-2024 में अपने छठे प्रयास में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है।

विद्या की इस उल्लेखनीय सफलता पर शासन की ‘क्षितिज अपार संभावनाएं’ अंतर्गत दिव्यांग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह राशि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दिव्यांग युवाओं के लिए शासन की ओर से प्रोत्साहन और सम्मान का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर कलेक्टर कुन्दन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल एवं जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने विद्या साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्या के माता-पिता को भी बेटी की सफलता पर बधाई दी। अधिकारियों ने कहा कि स्वयं निरक्षर होने के बावजूद माता-पिता ने शिक्षा के महत्व को समझा और बेटी को पढ़ाई के लिए लगातार प्रोत्साहित किया। उनका यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी है।

कलेक्टर  कुन्दन कुमार ने कहा कि विद्या की सफलता उनकी मेहनत, लगन, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। उनकी उपलब्धि जिले के युवाओं, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने विद्या को भविष्य में भी निरंतर प्रयास करते हुए और ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि विद्या की उपलब्धि उनके परिवार के साथ-साथ पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से साबित किया है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कोई भी व्यक्ति सफलता हासिल कर सकता है।

दिव्यांगता लक्ष्य प्राप्ति की राह में अंतिम बाधा नहीं” — विद्या साहू

विद्या साहू ने कहा कि दिव्यांग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बताया कि CGPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में चयन उनका सपना था, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया। यह उनका छठा प्रयास था। इससे पहले भी वह साक्षात्कार तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन इस बार उन्होंने सफलता हासिल की।

विद्या ने कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि उनके लिए बेहद उत्साहवर्धक है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि दिव्यांगता कभी भी लक्ष्य प्राप्ति की राह में अंतिम बाधा नहीं बन सकती। जीवन में चुनौतियां आती हैं, लेकिन हर चुनौती के साथ समाधान का रास्ता भी होता है। आवश्यकता है कि लक्ष्य पर विश्वास रखें, निरंतर प्रयास करें और कभी हार न मानें। उन्होंने इस प्रोत्साहन एवं सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

किसान परिवार से आती हैं विद्या

विद्या साहू लोरमी क्षेत्र के ग्राम तेलीखाम्ही की निवासी हैं और किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता सुदर्शन साहू किसान हैं तथा माता सरोजनी साहू हैं। उनके दो भाई जितेन्द्र एवं भोलाराम हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए विद्या को आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया। परिवार के सहयोग, आत्मविश्वास और लगातार मेहनत ने विद्या को अपने लक्ष्य तक पहुंचने की ताकत दी।

विद्या साहू की सफलता यह संदेश देती है कि सच्ची लगन, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण नदीम काजी भी उपस्थित रहे।

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