वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत के 25वें शहादत दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, कलेक्टर-एसएसपी ने दी श्रद्धांजलि

अभय न्यूज मुंगेली। 19 जुलाई 2026।
राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत के 25वें शहादत दिवस (रजत जयंती शहादत समारोह) का आयोजन रविवार को विकासखंड मुंगेली के ग्राम पंडरभट्ठा स्थित शहीद स्मारक परिसर में श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के माहौल में किया गया। पूर्व सैनिक संगठन मुंगेली के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के मुख्य अतिथि कलेक्टर कुन्दन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भोजराम पटेल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएफओ अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे तथा जिला सैनिक कल्याण संयोजक योगराम बावने उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
अपने संबोधन में कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत का सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सैनिकों के त्याग, समर्पण और साहस के कारण ही देश का तिरंगा सम्मान के साथ लहरा रहा है। उन्होंने शहीद परिवारों एवं पूर्व सैनिकों को जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
एसएसपी भोजराम पटेल ने कहा कि शहीद धनंजय सिंह राजपूत का जीवन युवाओं के लिए साहस, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। वहीं डीएफओ अभिनव कुमार ने शहीदों की स्मृति में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की।
पूर्व सैनिक संगठन मुंगेली के अध्यक्ष त्रिभुवन यादव ने शहीद धनंजय सिंह राजपूत के जीवन और वीरगाथा का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि वे वर्ष 1993 में भारतीय सेना की 64 कैवलरी में भर्ती हुए थे। बाद में 24 राष्ट्रीय रायफल में नियुक्त होकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय रहे। 15 जुलाई 2001 की रात आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बाद 16 जुलाई 2001 को उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। 19 जुलाई 2001 को उनके पैतृक गांव पंडरभट्ठा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।
समारोह में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिक संगठन द्वारा जून 2022 से संचालित निःशुल्क सैन्य प्रशिक्षण अभियान की उपलब्धियां भी साझा की गईं। संगठन के अनुसार अब तक इस प्रशिक्षण से वर्ष 2023 में 27, वर्ष 2024 में 29, वर्ष 2025 में 37 तथा वर्ष 2026 में अब तक 22 युवाओं का भारतीय सेना (अग्निवीर) में चयन हो चुका है। इसके अलावा प्रतिवर्ष 25 से 30 युवाओं का चयन एसएससी जीडी एवं विभिन्न पैरामिलिट्री बलों में भी हो रहा है।
इस अवसर पर पूर्व सैनिक संगठन ने मुंगेली स्टेडियम में युवाओं के प्रशिक्षण हेतु मिट्टी का रनिंग ट्रैक, शहीद स्मारक के पुनर्निर्माण, परिसर में शौचालय निर्माण तथा फेंसिंग कराने की मांग जिला प्रशासन के समक्ष रखी। समारोह में कलेक्टर एवं एसएसपी सहित सभी अतिथियों ने शहीद परिवारों एवं जिले के पूर्व सैनिकों को शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही कलेक्टर ने बादाम तथा एसएसपी ने कटहल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत की 25वीं शहादत पर आयोजित यह रजत जयंती समारोह केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रभक्ति, वीरता, त्याग और युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करने वाला एक प्रेरक आयोजन बन गया। कार्यक्रम का संचालन सूरजशर्मा ने किया।