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मुंगेली में नियमों को ताक पर रखकर बनी स्कूल समिति! जांच में खुलासा, जिला शिक्षा अधिकारी ने गठन किया निरस्त

स्वामी आत्मानंद स्कूल दाऊपारा का मामला: शिकायत के बाद हुई जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, अब शासन के नियमों के तहत नई विद्यालय प्रबंधन समिति बनाने के निर्देश

अभय न्यूज मुंगेली,05 अक्टूबर 2026।

जिले के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दाऊपारा में स्कूल शिक्षा समिति के गठन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। शिकायत के बाद हुई आधिकारिक जांच में समिति का गठन नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली ने नियम विरुद्ध किए गए शाला विकास समिति के गठन को निरस्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

मामला शिकायतकर्ता विजय कुमार यादव, पिता स्व. भागवत प्रसाद यादव, कबीर वार्ड मुंगेली एवं नगर मंडल उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी मुंगेली द्वारा कलेक्टर मुंगेली के समक्ष की गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में दाऊपारा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में शाला विकास समिति का चुनाव कराए जाने की मांग की गई थी। शिकायत पंजीयन क्रमांक 18230 के आधार पर मामले की जांच कराई गई।

जांच हुई तो खुल गई पूरी प्रक्रिया की पोल

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश के मुताबिक संबंधित शिकायत की जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच अधिकारी ने 22 सितंबर 2026 को मामले की जांच की और अपनी रिपोर्ट 29 सितंबर 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत की। जांच रिपोर्ट में स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर के 12 जून 2026 के शासन पत्र का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया कि विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं किया गया था।

डीईओ का सख्त आदेश—पुराना गठन निरस्त

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली ने नियम विरुद्ध किए गए शाला विकास समिति के गठन को निरस्त कर दिया। साथ ही संबंधित शासन निर्देश के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन की प्रक्रिया में ऐसी स्थिति क्यों बनी कि शिकायत के बाद जांच करानी पड़ी और जांच में समिति का गठन ही नियम विरुद्ध पाया गया? फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के बाद पुरानी समिति के गठन पर विराम लग गया है और शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार नई समिति के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

शिकायत से जांच तक और जांच से कार्रवाई तक

इस पूरे घटनाक्रम में शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच कराई गई, जांच रिपोर्ट प्रस्तुत हुई और उसके आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई की। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित विद्यालय की संचालन प्रबंधन समिति को भी भेजी गई है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि नए सिरे से विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किस प्रक्रिया के तहत और किन सदस्यों के साथ किया जाता है।

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