500 रुपये के लिए हत्या – विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) ने अपना मोबाईल गिरवी छुड़ाने के लिए मृतिका से 500 रुपये मांगे, पैसा न देने पर गुस्से में हंसिया से की हत्या।

मुंगेली में 500 रुपये के लिए पारिवारिक दादी का मर्डर; पथरिया पुलिस ने 6 दिन में सुलझाया अंधा कत्ल, नाबालिग हिरासत में
अभय न्यूज मुंगेली/पथरिया, 04 सितंबर 2026।
मुंगेली जिले के पथरिया थाना अंतर्गत ग्राम उमरिया में हुई वृद्ध महिला की जघन्य हत्या के मामले को पुलिस ने महज 6 दिनों के भीतर सुलझा लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भोजराम पटेल के सख्त निर्देश पर पथरिया पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मृतका के ही गांव के एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को हिरासत में लिया है। इस अंधे कत्ल की जो वजह सामने आई है, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
मोबाईल गिरवी छुड़ाने के लिए मांगे थे ₹500, मना करने पर रेता गला
विवेचना के दौरान पुलिस ने जब मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही नाबालिग को उसके संरक्षक की उपस्थिति में मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ के लिए तलब किया, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। नाबालिग ने बताया कि उसने अपना मोबाइल गिरवी रखा था, जिसे छुड़ाने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। वह अपनी पारिवारिक दादी सोनकलिया बाई डहरिया के पास गया और उनसे ₹500 मांगे। जब बुजुर्ग महिला ने पैसे देने से मना कर दिया, तो नाबालिग गुस्से से आगबबूला हो गया। उसने पास रखे हंसिया से वृद्ध महिला के गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।

26-27 सितंबर की रात को अंजाम दी थी वारदात
यह पूरी घटना 26 और 27 सितंबर 2026 की दरम्यानी रात की है। वारदात के बाद मृतका की भतीजी दिव्या भारती ने चौकी साकेत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।
बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया नाबालिग
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ.प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया। पुलिस ने नाबालिग आरोपी की निशानदेही पर घटना के वक्त पहने हुए खून से सने कपड़े (टी-शर्ट और जींस) बरामद कर लिए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आज दिनांक 03.10.2026 को सामाजिक पृष्ठभूमि पत्र तैयार कर नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड मुंगेली के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पवन देवांगन (थाना प्रभारी पथरिया), उपनिरी. सत्येन्द्र पुरी गोस्वामी (प्रभारी, साइबर सेल), सउनि रोशन टण्डन, प्र.आर.यशवंत डाहिरे, नोखेलाल कुर्रे, नरेश यादव, रवि जांगड़े, प्रकाश साहू आर. भेषज पाण्डेकर, राहूल यादव, राकेश बंजारे, गिरीराज सिंह, अतुल सिंह, हेमसिंह, महेन्द्र सिंह, राहुलकांत कश्यप, रामकिशोर कश्यप, जितेन्द्र सिंह, हलिश गेंदले, अमित बारले, स्वारथ लाल ध्रुव, दीपक ठाकुर, शिवशंकर गोयल समस्त टीम की सराहनीय भूमिका रही।

