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35 लाख घोटाले , नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर सत्याग्रह, निष्पक्ष जांच और कथित टिप्पणियों पर वैधानिक कार्रवाई की मांग

मुंगेली जनसंपर्क अधिकारी विवाद: तय समय में कार्रवाई न होने से पत्रकार खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ने शुरू किया एकल अनशन

अभय न्यूज रायपुर/मुंगेली, 07 अक्टूबर 2026।

मुंगेली जिले में पदस्थापना के दौरान तत्कालीन सहायक संचालक एवं जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ लगाए गए कथित वित्तीय अनियमितता और पत्रकारों के प्रति अमर्यादित टिप्पणियों के आरोपों को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में है। शिकायतों के बाद निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए मीडिया प्रतिनिधि खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ने नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल पर एकल अनशन शुरू कर दिया है।

अनशनकारी का कहना है कि उनका यह कदम किसी व्यक्तिगत विद्वेष के लिए नहीं, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गांधीवादी तरीके से उठाया गया है।

राज्यपाल के नाम सौंपा गया था ज्ञापन

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंगेली जिले के मीडिया प्रतिनिधियों ने पूर्व में कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्कालीन जनसंपर्क अधिकारी के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न आरोपों की जांच की मांग की थी। ज्ञापन में शासकीय विज्ञापनों एवं आयोजनों के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा स्थानांतरण के बाद सामने आए बताए जा रहे एक ऑडियो में जिले के पत्रकारों के संबंध में कथित अमर्यादित एवं मानहानिकारक टिप्पणियों का उल्लेख किया गया था।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और PM-PG पोर्टल पर भी शिकायत

विज्ञप्ति में बताया गया है कि मामले को लेकर पत्रकारों की ओर से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई, जबकि खेमेश्वर पुरी गोस्वामी द्वारा केंद्र सरकार के लोक शिकायत निवारण पोर्टल (PM-PG Portal) पर भी शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायतकर्ताओं ने निर्धारित अवधि में प्राथमिक संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई की मांग की थी।

निष्पक्ष जांच और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की मांग

अनशनकारी की प्रमुख मांगों में पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय अथवा स्वतंत्र जांच, पत्रकारों के संबंध में की गई कथित अशोभनीय टिप्पणियों पर नियमानुसार कार्रवाई तथा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की अधिकृत विधि विज्ञान प्रयोगशाला से तकनीकी जांच कराना शामिल है।

अब इस मामले में शासन-प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और कथित आरोपों की जांच किस स्तर पर आगे बढ़ती है, इस पर निगाहें टिकी हैं।

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