अचार्य इंस्टीट्यूट में मीटर में लगी आग, बाल-बाल बचे छात्र – छात्राएं ,सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल

अभय न्यूज मुंगेली। 03 सित. 26।
शहर के अचार्य इंस्टीट्यूट में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब संस्थान की नीचे स्थित पार्किंग में लगे बिजली के मीटर में अचानक आग लग गई। हादसे के वक्त प्रथम और द्वितीय तल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे। मीटर से धुआं और आग की लपटें उठती देख पूरे संस्थान में अफरा-तफरी मच गई और छात्र-छात्राएं घबराकर सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। घटना के बाद संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मीटर के ठीक पास जनरेटर, बढ़ा खतरे का अंदेशा
जिस पार्किंग क्षेत्र में बिजली का मीटर लगा है, उसी के आसपास जनरेटर रखे होने की बात सामने आई है। ऐसे में आग की लपटें यदि जनरेटर तक पहुंच जातीं तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छात्र-छात्राओं से भरे संस्थान में बिजली व्यवस्था और ज्वलनशील उपकरणों की सुरक्षा को लेकर निर्धारित मानकों का कितना पालन किया जा रहा है।
एक ही संकरा रास्ता, इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था पर सवाल
संस्थान में आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम भी सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि भवन में आने-जाने के लिए मुख्य रूप से एक ही संकरा रास्ता है तथा आपातकालीन निकास यानी इमरजेंसी एग्जिट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आग या किसी अन्य बड़ी आपदा की स्थिति में ऊपरी मंजिलों पर मौजूद छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
प्रशासन से सुरक्षा ऑडिट और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद अभिभावकों ने प्रशासन से अचार्य इंस्टीट्यूट समेत जिले के कोचिंग एवं शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास और भवन की अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का तत्काल निरीक्षण होना चाहिए। यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
सवाल यह है कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक क्या प्रशासन ऐसे संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेगा या किसी अनहोनी का इंतजार किया जाएगा?