मुंगेली में सरपंच चुनाव की रंजिश में तुलसी साहू की हत्या, 1.20 लाख की सुपारी देकर कराया अपहरण; पांच आरोपी गिरफ्तार

मतगणना में वोट निरस्त कराने के शक में रची गई हत्या की साजिश, अपहरण के बाद गला घोंटकर उतारा मौत के घाट; साक्ष्य छिपाने के लिए शव को कीचड़ और झाड़ियों में फेंका
अभय न्यूज मुंगेली,31 अक्टूबर 2026।
जिले के सरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पेण्ड्री ‘स’ में तुलसी साहू हत्याकांड का मुंगेली पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। वर्ष 2025 में हुए सरपंच चुनाव में हार की रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपियों ने पहले तुलसी साहू का अपहरण किया, फिर पंप हाउस में ले जाकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ और कांटेदार झाड़ियों में फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है। प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था शव
पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को चंदन साहू निवासी नगर पंचायत मारो ने थाना सरगांव में सूचना दी कि उसकी साली नीतू साहू का पति तुलसी साहू (32 वर्ष) 25 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे घर से अपनी दीदी के घर सरगांव जाने निकला था। वहां से उसे अपने जीजा के साथ बेलगहना जाना था, लेकिन वह न तो घर लौटा और न ही दीदी के घर पहुंचा। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था।
परिजनों द्वारा तलाश किए जाने पर मृतक की मोटरसाइकिल क्रमांक CG 28 P 5824 ग्राम पेण्ड्री ‘स’ स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली। आगे तलाश करने पर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे कीचड़ और कांटेदार झाड़ियों के बीच तुलसी साहू का शव संदिग्ध अवस्था में मिला।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और शव का पंचनामा एवं पोस्टमार्टम कराया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या करने, मृतक के दोनों पैरों को पीले बिजली के तार से बांधने तथा साक्ष्य छिपाने का प्रयास सामने आने पर थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 एवं 238 में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
सरपंच चुनाव में हार बनी हत्या की वजह
पुलिस विवेचना में सामने आया कि ग्राम पेण्ड्री ‘स’ निवासी धनीराम साहू वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में करीब 8-9 वोटों से हार गया था। चुनाव में झुलुराम वर्मा सरपंच निर्वाचित हुए थे और मृतक तुलसी साहू उनके मतगणना अभिकर्ता के रूप में कार्य कर रहा था।
धनीराम साहू को संदेह था कि मतगणना के दौरान तुलसी साहू ने जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाए, जिसके कारण उसे चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसी रंजिश के चलते उसने तुलसी साहू की हत्या की योजना बनाई।
हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए धनीराम ने अपने साले भुवन साहू को साथ लिया तथा ओमनारायण राजपूत के माध्यम से कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया। तुलसी साहू का अपहरण करने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें धनीराम ने सुरेंद्र को 70 हजार रुपये अग्रिम दिए।
अपहरण कर पंप हाउस में ले गए, स्टाम्प पर लिखवाया बयान
पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी निवासी अमेरी, बिलासपुर तथा तीन अन्य साथियों के साथ निशान कार क्रमांक CG 10 CE 2075 से ग्राम पेण्ड्री ‘स’ पहुंचा।
रात करीब 7 बजे तुलसी साहू के घर से निकलने पर आरोपियों ने उसका पीछा किया और जय भोलेनाथ राइस मिल से करीब 100 मीटर पहले सुनसान सड़क पर उसकी मोटरसाइकिल रुकवाकर जबरन कार में बैठा लिया।
इसके बाद धनीराम साहू और भुवन साहू भी आरोपियों के संपर्क में आए। सभी सरगांव के पास मनियारी क्षेत्र में मिले। धनीराम और भुवन मोटरसाइकिल से आगे चले, जबकि सुरेंद्र और उसके साथी तुलसी साहू को कार में लेकर पीछे पहुंचे।
गणेश मिनरल्स के पहले टीकाराम साहू निवासी मोहभट्ठा के ट्यूबवेल के पास तुलसी साहू को धनीराम के हवाले कर सुरेंद्र और उसके साथी वहां से निकल गए।
धनीराम और भुवन तुलसी साहू को पंप हाउस के अंदर ले गए, जहां उसे डराया-धमकाया गया और 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर चुनाव में कथित धांधली स्वीकार करने संबंधी शपथ पत्र लिखवाया गया। इस दौरान भुवन साहू के मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
बिजली के तार से पैर बांधकर गला घोंटा
पुलिस के अनुसार, चुनावी रंजिश के चलते धनीराम साहू और भुवन साहू ने पंप हाउस में रखे बिजली के तार से तुलसी साहू के दोनों पैर बांध दिए और गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ओमनारायण राजपूत को फोन कर बुलाया गया। इसके बाद तीनों ने शव को घसीटकर मोटरसाइकिल तक पहुंचाया और गणेश मिनरल्स से निकलने वाले अपशिष्ट पानी के कीचड़ में सड़क किनारे फेंककर झाड़ियों से ढक दिया।
आरोपियों ने मृतक के जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास स्थित पोल्ट्री फार्म के शेड में छिपाया, जबकि मोबाइल फोन को रॉकिंग ढाबा के पीछे खेत में फेंक दिया। धनीराम ने अपना गमछा भी जलाया तथा मृतक के गमछे को भी जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।
पांच आरोपी गिरफ्तार, महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के पर्यवेक्षण एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल और थाना सरगांव पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी:
1. धनीराम साहू (40 वर्ष), निवासी पेण्ड्री ‘स’, थाना सरगांव।
2. भुवन साहू (28 वर्ष), निवासी किरना, थाना सरगांव।
3. ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत (25 वर्ष), निवासी पेण्ड्री ‘स’, थाना सरगांव।
4. सुरेंद्र जोशी (25 वर्ष), निवासी दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर।
5. टीकाराम साहू (53 वर्ष), निवासी मोहभट्ठा, थाना सरगांव।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बिजली के तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, स्टाम्प पर लिखते हुए बनाया गया वीडियो, मोटरसाइकिल, निशान कार तथा सुपारी की रकम में से शेष 10 हजार रुपये जब्त किए हैं।
प्रकरण में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) एवं 61(2) के तहत अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। सभी पांच आरोपियों को 30 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
अंधेकत्ल के इस मामले का शीघ्र खुलासा करने पर पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक अशोक यादव, प्र.उपनिरीक्षक नवनीत नावेलकर, उपनिरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, उपनिरीक्षक महेश मिश्रा, सउनि निर्मल घोष सहित साइबर सेल एवं थाना सरगांव के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




