मुंगेली नाबालिग हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कानूनी जीत: कोर्ट के रिहाई आदेश के खिलाफ SSP ने लगाई थी रिविजन याचिका, जज ने फैसला पलटकर दोनों आरोपियों को भेजा जेल

अभय न्यूज मुंगेली,31 अक्टूबर 2026।
थाना सिटी कोतवाली अंतर्गत ग्राम नेवासपुर में हुई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की सनसनीखेज हत्या के मामले में मुंगेली पुलिस को एक बड़ी कानूनी सफलता मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) द्वारा पूर्व में तकनीकी खामियों के आधार पर आरोपियों की रिमांड अर्जी खारिज कर उन्हें रिहा करने के आदेश को अपर सत्र न्यायालय मुंगेली ने निरस्त कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भोजराम पटेल के कड़े रुख और निर्देशन पर पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिविजन आवेदन पर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को जेल भेजने का वारंट जारी कर दिया है।
SSP के निर्देश पर अपर सत्र न्यायालय में लगाई गई थी रिविजन याचिका
ज्ञात हो कि विगत दिनों सीजेएम कोर्ट द्वारा आरोपियों की न्यायिक रिमांड अर्जी खारिज कर उन्हें 25-25 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने के आदेश के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी भोजराम पटेल ने तत्काल विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर अपर सत्र न्यायालय मुंगेली में एक मजबूत रिविजन आवेदन (पुनरीक्षण याचिका) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
अभियोजन पक्ष की दमदार पैरवी के आगे झुका कोर्ट, सीजेएम का आदेश निरस्त
अपर सत्र न्यायालय में पुलिस की ओर से प्रस्तुत इस संवेदनशील रिविजन आवेदन पर जिला लोक अभियोजन अधिकारी (DPO) जायिता सिंह एवं लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष बेहद दमदार और तार्किक पैरवी की गई। उन्होंने मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट (गला घोंटने से दम टूटने) और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा। दलीलों से सहमत होते हुए माननीय अपर सत्र न्यायाधीश ने सीजेएम कोर्ट के पुराने आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए तत्काल निरस्त कर दिया।
हत्या कर हार्ट अटैक की कहानी रचने वाले दोनों आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
न्यायालय से आदेश जारी होते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। दिनांक 30 अक्टूबर 2026 को मुख्य आरोपी प्रेमी अजीत घृतलहरे (उम्र 22 वर्ष) और वारदात में रेकी कर सहयोग करने वाले उसके साथी साहिल खांडे (उम्र 20 वर्ष, दोनों निवासी लिलवाकापा) का पुनः विधिवत न्यायिक रिमांड लिया गया और दोनों को जेल दाखिल करा दिया गया है।

क्या था पूरा मामला?
19 अक्टूबर 2026 की रात को आरोपी अजीत घृतलहरे ने किसी अन्य युवक से बातचीत करने की शंका पर ग्राम नेवासपुर में दीवार फांदकर मृतिका के घर में प्रवेश किया था और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बिस्तर पर लिटा दिया गया था ताकि मौत हार्ट अटैक से प्रतीत हो। पुलिस ने 72 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली थी।
इस महत्वपूर्ण विधिक व पुलिसिया कार्रवाई को अंजाम देने और आरोपियों को दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचाने में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येन्द्र पुरी गोस्वामी और उनकी संयुक्त पुलिस टीम की अत्यंत सराहनीय भूमिका रही।

