मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और विकास के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर: रत्नावली कौशल

कैशलेस इलाज और पर्यटन मिशन आदि ऐतिहासिक निर्णय
अभय न्यूज मुंगेली, 28 अक्टूबर 2026।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण को समर्पित 19 बड़े ऐतिहासिक निर्णय लेने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं समस्त मंत्रिमंडल का हृदय से आभार व्यक्त किया।
रत्नावली कौशल ने कहा कि साय सरकार ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यह सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और कर्मचारी सभी की सरकार है।
सरकार ने खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी का ऐतिहासिक निर्णय लेकर 27 लाख से अधिक अन्नदाताओं को बड़ी सौगात दी है। साथ ही कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत आदान सहायता को अब प्रति एकड़ देने का प्रावधान कर फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया है। वहीं घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए एम-ऊर्जा योजना के तहत मिल रही राहत को मार्च 2027 तक बढ़ाकर 7.25 लाख परिवारों को निरंतर लाभ दिया गया है।
रत्नावली कौशल ने कहा कैबिनेट ने शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है, जिससे अब गंभीर बीमारी की स्थिति में कर्मचारियों को आर्थिक संकट से नहीं जूझना पड़ेगा।
इसके साथ ही प्रदेश के अधोसंरचना विकास के लिए 500 करोड़ का मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए 500 करोड़ का मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन और खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए 100 करोड़ का मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शुरू करने का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिचायक है।
रत्नावली कौशल ने कहा कि बस्तर से सरगुजा तक कनेक्टिविटी को सशक्त करने हेतु 8000 करोड़ रुपये की लागत वाली 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना, सड़क निर्माण में डामर की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे ठेकेदारों को राहत, राजनांदगांव में 400 करोड़ रुपये की मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी, औद्योगिक विकास के लिए कोल गैसीफिकेशन को विशेष प्रोत्साहन, नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करना और जनहित से जुड़े 9 राजनीतिक प्रकरणों को वापस लेने जैसे निर्णयों से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सुशासन और विकास के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है।