मुंगेली जिला अस्पताल में सर्पदंश पीड़ित गर्भवती की बचाई जान, सुरक्षित प्रसव से मां-बच्चा स्वस्थ

गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर किया गया इलाज, चिकित्सकों की तत्परता और टीमवर्क से मिली सफलता
अभय न्यूज मुंगेली, 17 अक्टूबर 2026।
मुंगेली जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने सर्पदंश से गंभीर रूप से पीड़ित नौ माह की गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की जान बचाने में सफलता हासिल की है। महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जहां आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखकर उसका उपचार किया गया। चिकित्सकों की तत्परता और सतत निगरानी के बीच महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। उपचार के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, सर्पदंश के बाद महिला की पलकें गिरने, सांस लेने में परेशानी और अत्यधिक कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण सामने आए थे। स्थिति बिगड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. विजेन्द्र पाटले (एमडी मेडिसिन) की देखरेख में उसे आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया। चिकित्सकीय टीम ने जीवनरक्षक उपचार के साथ गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया।

इसी दौरान प्रसव प्रक्रिया शुरू हुई। प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा स्मृति लाल, आईसीयू एवं आपातकालीन वार्ड के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित प्रसव कराया गया। नवजात को आवश्यक देखभाल के लिए विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एनआईसीयू) में रखा गया। महिला की हालत में सुधार होने पर अगले दिन उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया। बाद में मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य पाई गई।
कलेक्टर अमित विकास तोपनो के निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने चिकित्सकीय टीम की सराहना करते हुए कहा कि मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में देरी न करें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा 108 एम्बुलेंस सेवा में एंटी स्नेक वेनम (सर्पदंशरोधी दवा) की व्यवस्था भी की गई है, जिससे आपातकालीन स्थिति में उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
समय पर उपचार, चिकित्सकीय दक्षता और टीमवर्क से जिला अस्पताल में मां और नवजात को नया जीवन मिला।
