मुंगेली में 3 दिन से रेलवे आरक्षण केंद्र पर ताला! टिकट के लिए भटक रहे यात्री, रेलवे प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

12 साल से मिल रही सुविधा ठप, बिलासपुर-रायपुर जाने की नौबत; निजी काउंटरों पर अतिरिक्त शुल्क देने को मजबूर मुसाफिर
अभय न्यूज मुंगेली, 17 अक्टूबर 2026।
जिला मुख्यालय मुंगेली में रेलवे आरक्षण केंद्र पिछले तीन दिनों से बंद होने के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। करीब 12 वर्षों से संचालित इस केंद्र पर अचानक ताला लटकने से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रेलवे टिकट आरक्षित कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय और रेलवे प्रशासन के संयुक्त प्रयास से संचालित रेलवे आरक्षण केंद्र पहले कलेक्टरेट परिसर में था, जिसे बाद में पुराने बस स्टैंड में संचालित किया जाने लगा। यात्रियों की सुविधा के लिए इस केंद्र का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। लेकिन पिछले तीन दिनों से केंद्र बंद होने के कारण टिकट बनवाने पहुंच रहे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
टिकट के लिए भटक रहे यात्री, निजी केंद्रों का लेना पड़ रहा सहारा
मुंगेली में रेलवे स्टेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों के लिए यह आरक्षण केंद्र काफी महत्वपूर्ण है। इसके बंद रहने से लंबी दूरी की यात्रा के लिए आरक्षित टिकट बनवाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यात्रियों को मजबूरी में निजी टिकट एजेंटों और साइबर सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी केंद्रों पर टिकट बनवाने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है, जिससे आम यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
12 साल पुरानी सुविधा बंद, जिम्मेदार कौन?
मुंगेली के लोगों को रेलवे आरक्षण के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता से राहत दिलाने के उद्देश्य से लगभग 12 वर्ष पहले इस केंद्र की शुरुआत की गई थी। इतने लंबे समय से संचालित सुविधा का लगातार तीन दिनों तक बंद रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। आखिर केंद्र किस कारण से बंद है? इसे दोबारा शुरू करने की जिम्मेदारी किसकी है? और यात्रियों को हो रही परेशानी दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
इन सवालों पर रेलवे प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
यात्रियों की मांग—तत्काल शुरू हो आरक्षण केंद्र
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने जिला प्रशासन तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के उच्च अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आरक्षण केंद्र को जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि टिकट बनवाने के लिए मुंगेली के यात्रियों को बिलासपुर, रायपुर या भाटापारा जैसे शहरों का रुख न करना पड़े।
अब देखना होगा कि यात्रियों की इस परेशानी पर जिम्मेदार अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं और 12 वर्षों से मिल रही यह सुविधा दोबारा कब शुरू होती है।