पीएम श्री सेजेस दाऊपारा में विद्यार्थियों ने लगाया दिवाली व्यापार मेला, सीखा कारोबार और मुनाफे का गणित

NEP-2020 के तहत जिले में पहली बार अनूठी पहल, 10 छात्र फर्मों ने सजाए स्टॉल; कुल लाभ का 30 प्रतिशत स्थानीय निर्धन कुम्हार परिवारों को किया जाएगा समर्पित
अभय न्यूज मुंगेली,07 नवंबर 2026।
अब तक किताबों में लागत, बिक्री, मुनाफा और हिसाब-किताब का पाठ पढ़ने वाले विद्यार्थी जब खुद व्यापारी बने तो स्कूल परिसर व्यापारिक गतिविधियों से गुलजार हो उठा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुभवात्मक अधिगम, व्यावसायिक शिक्षा एवं वित्तीय साक्षरता के उद्देश्यों को जमीन पर उतारते हुए पीएम श्री सेजेस दाऊपारा, मुंगेली में 5 नवंबर 2026 को दिवाली व्यापार मेले का भव्य आयोजन किया गया। जिले में पहली बार आयोजित इस अभिनव पहल में विद्यार्थियों ने 10 छात्र फर्मों के माध्यम से विभिन्न स्टॉल लगाए और वास्तविक बाजार की तरह खरीद-बिक्री का अनुभव प्राप्त किया।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मोहन लाल पटेल एवं संस्था की प्राचार्य श्रीमती लीला श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में वाणिज्य संकाय के कक्षा 11वीं-12वीं तथा पूर्व माध्यमिक विभाग के कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों ने सहभागिता निभाई। वाणिज्य व्याख्याता राहुल वर्मा एवं पूर्व माध्यमिक विभाग की प्रधान पाठक श्रीमती दीप्ति चतुर्वेदी के निर्देशन में विद्यार्थियों ने हस्तनिर्मित कलात्मक दीये, मोम के दीये, सजावटी सामग्री एवं रंगोली उत्पादों के स्टॉल लगाकर उत्साहपूर्वक बिक्री की।

किताबों से निकलकर बाजार में सीखा व्यापार का गणित
इस मेले की खासियत यह रही कि विद्यार्थियों को केवल उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि व्यापार की पूरी प्रक्रिया से रूबरू कराया गया। विद्यार्थियों ने स्थानीय कुम्हारों से सीधे कच्चे दीये लेकर उनकी रंग-सज्जा और पैकेजिंग की लागत निकाली तथा उचित विक्रय मूल्य निर्धारित करना सीखा।
इसके साथ ही नकद बिक्री का बहीखाता (कैश बुक) तैयार करने, PhonePe और Google Pay के क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने, ग्राहकों से संवाद करने, उत्पादों की विशेषताएं बताने और टीमवर्क के साथ स्टॉल संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
पूर्व माध्यमिक विभाग के विद्यार्थियों ने दीया पेंटिंग, ग्रीटिंग कार्ड और तोरण निर्माण के माध्यम से अपनी कलात्मक एवं हस्तशिल्प प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मुनाफे का 30 प्रतिशत कुम्हार परिवारों के सहयोग में होगा समर्पित
व्यापार मेले की सबसे सराहनीय पहल इसका सामाजिक सरोकार रहा। विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि व्यापार का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी है। इसी भावना के तहत मेले से प्राप्त कुल लाभ का 30 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निर्धन कुम्हार परिवारों के सहयोग के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया गया।
इस पहल से विद्यार्थियों को उद्यमिता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का महत्व भी समझने का अवसर मिला।

अतिथियों ने की विद्यार्थियों की पहल की सराहना
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि विजय यादव, हरी सेवक, शासकीय विज्ञान महाविद्यालय मुंगेली के सहायक प्राध्यापक एवं एनएसएस जिला संगठक एन.के.सर, हायर सेकेंडरी स्कूल किरना के प्राचार्य संजय दुबे तथा हायर सेकेंडरी स्कूल लोरमी के प्राचार्य राजपूत उपस्थित रहे।
इसके अलावा शासकीय बी.आर. साव स्कूल मुंगेली के व्याख्याता निलय गुप्ता, एकानंद तिवारी एवं सुनील पाठक ने भी आयोजन में सहभागिता निभाई। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा किए गए व्यावसायिक कौशल के प्रदर्शन का अवलोकन किया और इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मंशा के अनुरूप व्यावहारिक शिक्षा का उपयोगी उदाहरण बताया।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती लीला श्रीवास्तव, व्याख्याता महादेव यादव, प्रधान पाठक श्रीमती दीप्ति चतुर्वेदी, व्याख्याता राहुल वर्मा सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने आयोजन की व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई और खरीदारी कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
इस आयोजन ने यह साबित किया कि शिक्षा केवल कक्षा, किताब और परीक्षा तक सीमित नहीं है। यदि विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर मिले तो वे पढ़ाई के साथ उद्यमिता, आर्थिक प्रबंधन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण गुण भी विकसित कर सकते हैं।


