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GST की रेड से कारोबारियों में हड़कंप! मुंगेली-बिलासपुर के 6 ठिकाने खंगाले, 60 लाख की पेनाल्टी और दस्तावेजों की जांच से खुलेंगे बड़े राज

कच्चे बिल, टैक्स चोरी और फर्जी लेन-देन की शिकायतों पर स्टेट जीएसटी की कार्रवाई; व्यापार विहार के तीन कारोबारियों पर जांच अंतिम दौर में

अभय न्यूज मुंगेली/बिलासपुर।15 सितंबर 26।

जानकारी मिले अनुसार टैक्स चोरी, कच्चे बिल और जीएसटी नियमों में कथित गड़बड़ी को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य जीएसटी विभाग ने बिलासपुर और मुंगेली में बड़ी कार्रवाई की है। स्टेट जीएसटी की टीम ने दोनों जिलों में कुल 6 व्यापारिक प्रतिष्ठानों के ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेज, स्टॉक और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई में मुंगेली के तीन प्रतिष्ठानों के साथ बिलासपुर के व्यापार विहार क्षेत्र के तीन कारोबारी शामिल हैं।

मुंगेली में विभागीय कार्रवाई के दौरान पड़ाव चौक स्थित वैष्णव मिष्ठान भंडार (बावा होटल) पर सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विभाग ने यहां 60 लाख रुपए की पेनाल्टी और टैक्स संबंधी कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक टैक्स चोरी सिद्ध होने के बाद जुर्माने की पूरी राशि की वसूली कर उसे सरकारी खजाने में जमा कराया जा चुका है।

वहीं धरमपुरा मेन रोड स्थित नुक्कड़ ढाबा पर भी विभाग ने कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। शिकायत के आधार पर हुई जांच में कच्चे बिल से जुड़े मामले सामने आने की बात कही जा रही है। विभाग के अनुसार संबंधित फर्म की ओर से बिल जारी किए जाने की बात स्वीकार की गई है।

मुंगेली में कई प्रतिष्ठान जांच के दायरे में

जीएसटी टीम ने बलानी चौक स्थित मोनिका ज्वेलर्स, पड़ाव चौक स्थित दिनेश ज्वेलर्स और धरमपुरा मेन रोड स्थित नुक्कड़ ढाबा में भी जांच की। अधिकारियों के अनुसार कुछ प्रतिष्ठानों में कच्चे बिल के जरिए कथित तौर पर टैक्स बचाने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद विभाग ने दस्तावेजों और कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की।

बिलासपुर व्यापार विहार में भी कार्रवाई, तीन कारोबारियों पर जांच जारी

इधर बिलासपुर के व्यापार विहार क्षेत्र में गुटखा, ड्राई फ्रूट्स और तेल कारोबार से जुड़े तीन व्यापारियों के ठिकानों पर भी जीएसटी टीम ने कार्रवाई की है। इन प्रतिष्ठानों में स्टॉक, खरीद-बिक्री के बिल, कंप्यूटर डेटा और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री समेत विभिन्न दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इन मामलों में कार्रवाई अंतिम दौर में है।

बोगस बिलिंग और फर्जी आईटीसी नेटवर्क भी निशाने पर

राज्य जीएसटी विभाग द्वारा प्रदेशभर में टैक्स चोरी, बोगस बिलिंग और ई-वे बिल में गड़बड़ी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के रिटर्न की जांच के आधार पर 115 से अधिक संदिग्ध बोगस डीलरों और फर्जी शेल कंपनियों को चिन्हित किया है। इन पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए करोड़ों रुपए के लेन-देन का आरोप है।

विभाग की टीमें ऐसे नेटवर्क पर भी नजर रख रही हैं, जहां बिना वैध ई-वे बिल और फर्जी इनवॉइस के जरिए माल परिवहन किए जाने की आशंका है। छापेमारी के दौरान स्टॉक, कंप्यूटर डेटा, खरीद-बिक्री के बिल और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को खंगालकर वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है।

धारा 70(1) के तहत कार्रवाई

जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर महेंद्र कुमार धनेलिया ने बताया कि धारा 70(1) के तहत मुंगेली सहित अन्य स्थानों की कुछ फर्मों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि बावा होटल पर 60 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है, जबकि अन्य प्रतिष्ठानों से जुड़े दस्तावेजों की जांच अभी जारी है।

जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है और आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी कार्रवाई सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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