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30 हजार रुपये के विवाद में मजदूर की निर्मम हत्या: मुंगेली कोर्ट ने दो सगे भाइयों को सुनाई आजीवन कारावास

अभय न्यूज मुंगेली, 30 जून 2026।

मुंगेली जिले से जुड़े बहुचर्चित हत्या मामले में सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। महज 30 हजार रुपये के विवाद में एक मजदूर की बेरहमी से हत्या करने और दूसरे को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में मुंगेली के सत्र न्यायालय (पीठासीन अधिकारी श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी) ने दोनों मुख्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत 24 गवाहों के बयान और वीडियो साक्ष्य को न्यायालय ने महत्वपूर्ण आधार माना।

  • होली से पहले खूनी वारदात

घटना 13 मार्च 2025 की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच चिलफी थाना क्षेत्र के ग्राम कान्हरपुर चौक स्थित एक गुड़ फैक्ट्री की है। फैक्ट्री में उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से आए मजदूर कार्यरत थे। होली के कारण अधिकांश स्थानीय मजदूर अपने गांव जा चुके थे और कुछ मजदूर फैक्ट्री में ही भोजन कर रहे थे।

इसी दौरान आरोपी रविन्दर कुमार कश्यप ने आरोप लगाया कि उसकी जेब से 30 हजार रुपये गायब हो गए हैं। उसने वहां मौजूद सोनू उर्फ जावेद और चिंटू कश्यप पर चोरी का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा।

  • लोहे के खुरपे और डंडों से किया जानलेवा हमला

विवाद बढ़ने पर रविन्दर कुमार कश्यप और उसका भाई दीपक कश्यप ने गुड़ खोदने वाले लोहे के खुरपे और बांस के डंडों से दोनों मजदूरों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोप है कि रविन्दर ने मौके पर मौजूद एक व्यक्ति को अपना मोबाइल देकर पूरी घटना का वीडियो बनाने के लिए धमकाया। भय के कारण उसने पूरी वारदात रिकॉर्ड कर ली। बीच-बचाव करने पहुंचे धर्मेन्द्र और सचिन को भी आरोपियों ने मारपीट कर वहां से भगा दिया।

  • एक की मौके पर मौत, दूसरा गंभीर घायल

हमले में सोनू उर्फ जावेद के सिर, हाथ, पैर सहित पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चिंटू कश्यप गंभीर रूप से घायल अवस्था में फैक्ट्री के पीछे पानी की टंकी के पास मिला, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

  • पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना की सूचना पर शिकायतकर्ता बृजलाल मरावी की रिपोर्ट के आधार पर चिलफी थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

  • कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत पैरवी की। 24 प्रत्यक्षदर्शी एवं अन्य गवाहों की गवाही तथा घटना का वीडियो साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों रविन्दर कुमार कश्यप (33 वर्ष) एवं दीपक कुमार कश्यप (24 वर्ष), निवासी ग्राम सुरूरपुर, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश), को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) सहपठित धारा 3(5) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 100-100 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इस फैसले को गंभीर अपराधों में त्वरित न्याय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें मजबूत गवाही और वीडियो साक्ष्य ने दोष सिद्ध करने में अहम भूमिका निभाई।

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