रेलवे अधिकारियों की मनमानी: मुंगेली वासियों को न मिली रेल और अब एकमात्र आरक्षण केंद्र भी हुआ बंद; टिकट दलालों की चांदी, प्रशासन मौन!

अभय न्यूज मुंगेली,24 अक्टूबर 2026।
मुंगेली जिला वासियों के साथ रेलवे प्रशासन का सौतेला व्यवहार और स्थानीय अधिकारियों की घोर उदासीनता एक बार फिर उजागर हो गई है। जिले में रेलवे लाइन की सौगात तो दूर की बात है, अब यहां के नागरिकों से टिकट बुक कराने की एकमात्र सरकारी सुविधा भी छीन ली गई है। मुंगेली जिला मुख्यालय में विगत वर्ष 2014 से संचालित एकमात्र रेलवे आरक्षण केंद्र (Railway Reservation Counter) पिछले एक हफ्ते से ताले में बंद पड़ा है, जिससे पूरे जिले की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे एजेंट, खुलेआम हो रही लूट
इस एकमात्र रेलवे आरक्षण केंद्र के बंद होने से जिले के आम नागरिकों, बुजुर्गों और मरीजों को रेलवे टिकट के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। काउंटर बंद होने का सीधा फायदा निजी टिकट एजेंट और दलाल उठा रहे हैं। जरूरतमंद यात्रियों को टिकट के लिए इन एजेंटों की शरण में जाना पड़ रहा है, जो मजबूरी का फायदा उठाकर जनता से मनमाना और भारी-भरकम एक्स्ट्रा चार्ज वसूल रहे हैं। डिजिटल माध्यमों से अनभिज्ञ ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों की जेब पर इसका सबसे ज्यादा डाका पड़ रहा है।
रेलवे और जिला प्रशासन दोनों गहरी नींद में, कोई सुध लेने वाला नहीं
इस पूरे मामले में सबसे शर्मनाक पहलू रेलवे के आला अधिकारियों की तानाशाही और स्थानीय जिला प्रशासन का उदासीन रवैया है। एक हफ्ते से जिला स्तर की एक महत्वपूर्ण सरकारी व्यवस्था ठप पड़ी है, लेकिन जिला प्रशासन या किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इसे दोबारा खुलवाने के लिए अब तक कोई ठोस पहल या पत्राचार नहीं किया गया है। जनता का आरोप है कि अधिकारी केवल चेम्बर्स में बैठे हैं और जनता दलालों के हाथों लुटने को मजबूर है।
आंदोलन की राह पर आक्रोशित जनता
मुंगेली के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि रेलवे प्रशासन ने अपनी मनमानी बंद नहीं की और बंद पड़े आरक्षण केंद्र को तत्काल प्रभाव से चालू नहीं किया गया, तो जिला वासी रेलवे अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन व चक्काजाम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
