
अभय न्यूज मुंगेली,
नगर के व्यस्ततम इलाके पड़ाव चौक के पास शनिवार की रात दहशत का माहौल बन गया, उस समय जब जेसीज पब्लिक स्कूल के पास स्थित ‘गुरुकृपा मोबाइल शॉप’ की तीसरी मंजिल से अचानक धुएं के गुबार और आग की लपटें उठने लगीं। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया,जिसके बाद तुरंत जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया गया।
- पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा, बेकाबू भीड़ पर पाया काबू
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी पारख राम साहू सहित बाली राम ध्रुव,तारेलाल कश्यप,अजय चंद्राकर,विकास सिंह ठाकुर,योगेश यादव,अरुण साहू,चन्द्रसेन साहू और भोप सिंह ठाकुर के साथ मोर्चे पर डटे रहे। पुलिस टीम ने सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए घटनास्थल पर जमा हुई सैकड़ों लोगों की बेकाबू भीड़ को नियंत्रित किया,जिससे राहत कार्य में कोई बाधा नहीं आई और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
- मौके पर पहुंचे अधिकारी,आक्रोशित जनता ने सीधे लहजे में की शिकायत
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम अजय शतरंज,तहसीलदार कुणाल पाण्डेय और नगर पालिका सीएमओ होरी सिंह ठाकुर भी तुरंत मौके पर पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद नाराज नागरिकों ने अधिकारियों को सीधे लहजे में अपनी शिकायत दर्ज कराई। लोगों का आरोप था कि नगर में जब भी आगजनी होती है, फायर ब्रिगेड कभी समय पर नहीं पहुंचती।
चार महीने पुरानी घटना की याद:नागरिकों ने याद दिलाया कि करीब 4 महीने पहले भी मल्हापारा के ‘पूनम जनरल स्टोर’ में ऐसी ही भीषण आग लगी थी। तब भी फायर ब्रिगेड घंटों देरी से पहुंची थी,जिससे पूरी दुकान जलकर खाक हो गई थी। शनिवार को भी वही लापरवाही दोहराई गई।
कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू:प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद आनन-फानन में एक के बाद एक चार फायर ब्रिगेड गाड़ियां भेजी गईं। दमकल कर्मी सुशील पात्रे,श्याम मनहर,चंद्रकांत यादव,लव कुमार,तीरथ राम जायसवाल,राघवेंद्र गेंदले,गोपी राम साहू और धरमजीत सिंह ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि,तब तक मोबाइल दुकान संचालक को भारी आर्थिक नुकसान हो चुका था।
- बड़ा सवाल:आखिर किसके ‘रिमोट कंट्रोल’ से चल रही मुंगेली की अग्निशमन व्यवस्था?
इस घटना ने मुंगेली की फायर ब्रिगेड व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। इसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें सामने आ रही हैं
- 4 किलोमीटर की दूरी का खेल: शासन की ‘सीजी फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज’ के तहत जिले को तीन फायर ब्रिगेड वाहन मिले थे। पहले इनका संचालन नगर पालिका परिषद करती थी और इन्हें शहर के बीचों-बीच स्थित सिटी कोतवाली परिसर में रखा जाता था ताकि तुरंत एक्शन लिया जा सके। लेकिन अब इन्हें शहर से 4 किलोमीटर दूर लालाकापा पुलिस लाइन में खड़ा किया जाता है, जिससे घटना स्थल तक पहुंचने में ही कीमती समय बर्बाद हो जाता है।
- प्रभार और नियमों का उल्लंघन : वर्तमान में जिला अग्निशमन अधिकारी मेघा कुटारे मातृत्व अवकाश पर हैं। इसके कारण जिला सेनानी के शशिभूषण सोनी और लव कुमार को कंट्रोल रूम या अधिकारियों के निर्देश पर फायर ब्रिगेड भेजना पड़ता है। शहर से बाहर गाड़ियां खड़ी होने की तकनीकी और प्रशासनिक वजहों से अनावश्यक देरी हो रही है।
जनता की मांग – आम नागरिकों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवा को दोबारा नगर पालिका परिषद के सुपुर्द किया जाए और वाहनों को शहर के भीतर रखा जाए,ताकि भविष्य में किसी बड़ी तबाही को रोका जा सके।
- मामले पर क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी ?
अजय शतरंज, एसडीएम, मुंगेली – शॉर्ट सर्किट से आग लगने की प्राथमिक आशंका है। पुलिस और दमकल कर्मियों ने सूझबूझ से काम लिया, जिससे जनहानि टल गई। दुकान संचालक को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां तक फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने का सवाल है, जनता की सुविधा के लिए नियमों के तहत जो भी बेहतर होगा, वो कदम उठाए जाएंगे।
कुणाल पाण्डेय, तहसीलदार, मुंगेली – घटनास्थल पर राहत कार्य समय रहते शुरू कर दिया गया था। मल्हापारा की पुरानी घटना और आज की घटना में दमकल विभाग की टाइमिंग को लेकर जो शिकायतें मिली हैं,उन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है। लालाकापा पुलिस लाइन से शहर की दूरी और प्रभार के नियमों से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है ताकि आपातकालीन सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को सुधारा जा सके।
होरी सिंह ठाकुर, सीएमओ, नगर पालिका परिषद,मुंगेली – पूर्व में इन दमकल वाहनों का संचालन नगर पालिका के माध्यम से सुचारू रूप से होता था और वाहन शहर के भीतर रहते थे। व्यवस्था बदलने के बाद से यह दिक्कतें आ रही हैं। इस घटना में पीड़ितों की पूरी मदद की जा रही है। जनता की मांग के अनुसार,यदि शासन स्तर और जिला प्रशासन से फायर ब्रिगेड का संचालन दोबारा नगर पालिका को सौंपने का निर्देश मिलता है,तो हम तत्काल मुस्तैदी से इसकी जिम्मेदारी संभालने को तैयार हैं ताकि शहर के भीतर त्वरित राहत दी जा सके।
