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मुर्दे के नाम पर 5 साल से डकारा जा रहा था सरकारी राशन, अब मुख्यमंत्री जनदर्शन में ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग

अभय न्यूज मुंगेली,

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक मृत महिला के नाम पर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर पिछले 5-6 वर्षों से अवैध रूप से राशन निकाला जा रहा है। मिले जानकारी अनुसार राशन कार्ड में हेराफेरी कर सरकारी अनाज की बंदरबांट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरटीआई कार्यकर्ता और पत्रकार खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ने अब मुख्यमंत्री जनदर्शन में ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, राशन कार्ड क्रमांक 226476454326 की मूल हितग्राही श्रीमती बुधवरिया की मृत्यु 17 नवंबर 2019 को हो चुकी थी। आरोप है कि उनकी मृत्यु के लगभग 5 महीने बाद, उनके नाती शिवकुमार साहू ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज पेश किए और अपने नाबालिग पुत्र देवदत्त का नाम कार्ड में दर्ज करा लिया। इस धोखाधड़ी के जरिए पिछले कई सालों से सरकारी खजाने को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।

प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल

आरटीआई कार्यकर्ता खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने इससे पहले भी अप्रैल और सितंबर व दिसंबर 2025 में जिला प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316, 318 और 336 के तहत गंभीर अपराध बताते हुए 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

  • “यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन की चोरी है। मृत व्यक्ति के नाम पर दस्तावेज तैयार करना संगीन जुर्म है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हम उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।” — खेमेश्वर पुरी गोस्वामी, शिकायतकर्ता
  • मुख्यमंत्री का सख्त रुख: “बख्शे नहीं जाएंगे दोषी” मुख्यमंत्री जनदर्शन में इस गंभीर मामले की शिकायत पहुँचते ही मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री का वर्जन:

“जनदर्शन में प्राप्त यह शिकायत बेहद गंभीर है। मृत व्यक्ति के नाम पर राशन का अवैध आहरण सरकारी तंत्र में बड़ी चूक और भ्रष्टाचार को दर्शाता है। मैंने तत्काल जिला प्रशासन और खाद्य विभाग को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। दोषियों के खिलाफ न केवल FIR दर्ज होगी, बल्कि अवैध आहरण की गई राशि की वसूली भी की जाएगी। हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।”

 

 

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