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5 नए मेडिकल कॉलेजों से बदलेगी छत्तीसगढ़ की तस्वीर, बेटियों के डॉक्टर बनने का सपना होगा साकार : रत्नावली कौशल

डबल इंजन सरकार ने स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा को दी नई रफ्तार, 250 नई MBBS सीटों से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों को मिलेगा बड़ा लाभ

अभय न्यूज मुंगेली।14 जुलाई 2026।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा छत्तीसगढ़ में 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दिए जाने पर भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने इसे प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ ग्रामीण, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय क्षेत्रों की छात्राओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर खोलेगा।

रत्नावली कौशल ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा एवं कबीरधाम में 50-50 एमबीबीएस सीटों वाले नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मान्यता प्रदान की है। इससे प्रदेश में एक साथ 250 नई एमबीबीएस सीटों की वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार नारी सशक्तिकरण और अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। गीदम जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र और कुनकुरी जैसे आदिवासी अंचल में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना इस सोच का सशक्त उदाहरण है, जिससे विकास की मुख्यधारा अब दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही है।

रत्नावली कौशल ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को डॉक्टर बनने के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के कारण अनेक प्रतिभाशाली छात्राएं अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाती थीं। अब अपने जिले में मेडिकल कॉलेज उपलब्ध होने से विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा घर के नजदीक ही प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक इलाज के अभाव में परेशान न हो। नए मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी तथा महिलाओं को प्रसव सहित अन्य उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

रत्नावली कौशल ने केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 250 नई एमबीबीएस सीटें केवल एक संख्या नहीं, बल्कि हजारों बेटियों के सुनहरे भविष्य की उम्मीद हैं। उन्होंने बताया कि महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के नेतृत्व में महिला मोर्चा इस महत्वपूर्ण जानकारी को महिला स्व-सहायता समूहों एवं गांव-गांव तक पहुंचाएगा, ताकि अधिक से अधिक बेटियां चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय “विकसित छत्तीसगढ़, सशक्त नारी और स्वस्थ छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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