3.63 करोड़ के स्वागत द्वार निर्माण में लापरवाही: बरसात में खोदी गई लोरमी रोड, कीचड़ और जाम से जनता परेशान

अभय न्यूज मुंगेली।14 जुलाई 2026।
नगर को सुंदर और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से स्वीकृत करोड़ों रुपये की स्वागत द्वार निर्माण योजना इन दिनों आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। मुख्य मार्गों पर निर्माण कार्य की धीमी गति और बरसात के बीच लोरमी रोड की खुदाई से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। स्थानीय लोग ठेकेदार की कार्यशैली और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठा रहे हैं।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की पहल पर अधोसंरचना मद से 3 करोड़ 63 लाख 73 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस राशि से नगर के पांच प्रमुख मार्गों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जाने हैं।
नगर पालिका द्वारा निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेसर्स रूप केशरी कंस्ट्रक्शन को 30 जून 2025 को कार्यादेश जारी किया गया। कार्यादेश जारी हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक केवल रायपुर रोड और नवागढ़ रोड पर दो स्वागत द्वारों का निर्माण शुरू हो पाया है, जो अभी भी अधूरा है।
इसी बीच ठेकेदार द्वारा बरसात के मौसम में लोरमी जाने वाले मुख्य मार्ग की खुदाई कर दिए जाने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मुख्य सड़क बंद होने के बाद आवागमन के लिए बनाई गई अस्थायी सर्विस रोड केवल मुरूम और गिट्टी डालकर तैयार की गई, जो लगातार बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में बदल चुकी है।
सर्विस रोड पर भारी वाहन फंसने से आए दिन लंबा जाम लग रहा है। कई स्थानों पर बसों और ऑटो का संचालन प्रभावित हो गया है, जिससे यात्रियों को काफी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात का मौसम शुरू हो चुका था, तो मुख्य मार्ग की खुदाई बारिश समाप्त होने के बाद भी की जा सकती थी। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य बिना समुचित वैकल्पिक व्यवस्था किए शुरू कर दिया गया, जिससे आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों ने नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कराई जाए, सर्विस रोड को तत्काल दुरुस्त कराया जाए तथा यातायात व्यवस्था सुचारु करने के लिए आवश्यक निर्देश संबंधित ठेकेदार को दिए जाएं।
लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, लेकिन यदि निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती जाएगी तो विकास की जगह लोगों को केवल परेशानी ही मिलेगी। नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर स्थिति सामान्य करने की मांग की है।