मुंगेली/ जिले के ग्राम पलानसरी के होनहार युवा गुरुदयाल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) परीक्षा में 105वीं रैंक प्राप्त कर पूरे मुंगेली जिले एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से गांव सहित पूरे जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवाओं एवं नागरिकों द्वारा लगातार उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
गुरुदयाल की सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने एक साधारण ग्रामीण परिवार से निकलकर सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को साकार किया है। उनकी उपलब्धि आज जिले के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गुरुदयाल ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
26 मई को नगर आगमन पर होगा भव्य स्वागत
गुरुदयाल के मुंगेली आगमन को लेकर जिलेभर में उत्साह का वातावरण है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं एवं शुभचिंतकों द्वारा उनके स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उनका नागरिक अभिनंदन विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा।
शाम 4 बजे – अंबेडकर चौक (कलेक्टर कार्यालय के सामने)
शाम 4:30 बजे – गुरु घासीदास चौक, दाऊपारा
शाम 5 बजे – महाराणा प्रताप चौक (पड़ाव चौक)
आयोजकों ने जिलेवासियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस गौरवपूर्ण अवसर के साक्षी बनने की अपील की है।
बचपन से ही रहे मेधावी छात्र
जानकारी के अनुसार गुरुदयाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की। बचपन से ही वे पढ़ाई में अत्यंत प्रतिभाशाली रहे और विद्यालयीन जीवन में हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक आईआईटी गुवाहाटी में प्रवेश प्राप्त किया। वहां से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के दौरान भी उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर निरंतर मेहनत जारी रखी और स्वयं को बड़े प्रतिस्पर्धी मंचों के लिए तैयार किया।
दिल्ली में रहकर की कठिन तैयारी
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद गुरुदयाल ने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं में जाने का संकल्प लिया। इस उद्देश्य से वे दिल्ली गए और वहां रहकर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। कठिन प्रतिस्पर्धा, सीमित संसाधन और वर्षों की मेहनत के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
लगातार अध्ययन, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने इंडियन फॉरेस्ट सर्विस परीक्षा में 105वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और जिले का सपना साकार किया। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है जो ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।
शिव कुमार बंजारा ने दी बधाई
अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष शिव कुमार बंजारा ने गुरुदयाल की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गुरुदयाल ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे मुंगेली जिले का सम्मान बढ़ाया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और सकारात्मक सोच के माध्यम से कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकता है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
गुरुदयाल की सफलता को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों और शिक्षकों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
मुंगेली जिले के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है। एक छोटे से गांव के युवा द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त करना निश्चित रूप से जिले के इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। गुरुदयाल की यह उपलब्धि संघर्ष, समर्पण और सफलता की ऐसी कहानी है जो हर युवा को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।