मुंगेली पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, एसएसपी और एडीएम ने हरीझंडी दिखाकर किया रवाना
डिप्टी सीएम अरुण साव कार्यशाला में वर्चुअली रूप से हुए शामिल,

अभय न्यूज मुंगेली,
छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुशंसा पर मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदान की गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस, करीब 65 लाख रुपए की लागत वाली मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। इस वैन के तकनीकी पहलुओं और इसके उपयोग से पुलिस बल को अवगत कराने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर के ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के समापन के पश्चात कलेक्ट्रेट परिसर से ही एसएसपी भोजराम पटेल,एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर इस अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले में सेवा के लिए रवाना किया गया।
- प्रधानमंत्री की बचत अपील का आयोजन में दिखा असर
इस पूरे आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘बचत करने’ की अपील का सम्मान करते हुए, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव और बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने अनावश्यक खर्चों को बचाते हुए ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर इस कार्यशाला में शिरकत की।
- प्रमुख अतिथियों एवं अधिकारियों का संबोधन
कार्यशाला के दौरान उपस्थित विशिष्ट अतिथियों और पुलिस अधिकारियों ने इस तकनीकी बदलाव को न्याय व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर बताया। मुख्य अतिथि के तौर पर ऑनलाइन जुड़े प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि “मुंगेली जिले को मिली यह ₹65 लाख की मोबाइल फॉरेंसिक वैन जिले की कानून व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को एक नई ऊंचाई देगी। यह वैन आधुनिक तकनीकों से पूरी तरह परिपूर्ण है, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी।” उन्होंने वैन में मौजूद विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और पुलिस विभाग को इसके प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया।
- बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर वैन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “मुझे पूरी आशा है कि मुंगेली पुलिस विभाग इस अत्याधुनिक वैन की तकनीकी क्षमताओं का पूरा लाभ उठाएगा और आपराधिक मामलों को त्वरित सुलझाने की दिशा में काम करेगा।” उन्होंने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए जिले के कप्तान (एसएसपी) सहित पूरे पुलिस विभाग को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
- कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुंगेली जिले के एसएसपी भोजराम पटेल ने देश की न्याय व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि “हमारे देश के कानून में एक चीज सबके लिए पूरी तरह बराबर है, और वो है ‘न्याय’। न्याय के लिए अमीर और गरीब की कोई अलग परिभाषा तय नहीं की गई है; न्याय पाना समाज के हर वर्ग का मौलिक अधिकार है। यह फॉरेंसिक वैन निष्पक्ष और सटीक न्याय दिलाने में हमारी सबसे बड़ी मददगार साबित होगी।”
- फॉरेंसिक एक्सपर्ट ज्योत्सना लकड़ा द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां – कार्यशाला के मुख्य तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से उपस्थित पुलिस अधिकारियों और जवानों को शासन द्वारा प्राप्त हुई इस अत्याधुनिक वैन के बारे में विस्तार से ट्रेनिंग दी। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बारीकियों को समझाया
- घटनास्थल पर साक्ष्यों का संकलन:आपराधिक मामलों में पुलिस विभाग को घटनास्थल पर पहुँचकर कौन-कौन से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित करने चाहिए, इसकी पूरी प्रक्रिया समझाई।
- साक्ष्य जुटाने में सावधानियां:साक्ष्य एकत्रित करते समय किस प्रकार की सावधानियां बरती जानी चाहिए ताकि वे अदालत में वैध और सुरक्षित रहें, इसकी तकनीकी बारीकियां बताई गईं।
- तकनीक का इस्तेमाल:वैन में मौजूद अत्याधुनिक किट्स और उपकरणों के जरिए मौके पर ही प्राथमिक फॉरेंसिक जांच कैसे की जाए,इसका व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला और हरी झंडी दिखाने के गरिमामयी कार्यक्रम में जिले के आला अधिकारियों सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। इस दौरान मुख्य रूप से मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल,एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा,उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह,बार कौंसिल के अध्यक्ष राजमन सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता रविंदर सिंह छाबड़ा इसके साथ ही जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारी एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भारी संख्या में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन आने वाले समय में मुंगेली पुलिस के लिए अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने में एक गेम-चेंजर साबित होगी।
