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एनएचएम के कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जोर शोर से डटे हुए हैं

दूसरी ओर मितानिन संघ भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

मुंगेली,

जिले मे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जोर शोर से डटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर मितानिन संघ भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है, जिसके चलते केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी अभियान प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल जाँच भी असफल रहा, मितानिनो के द्वारा ही गर्भवती महिलाओ को स्वास्थ्य केन्द्रो मे लाकर उनका जाँच संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा किया जाता है, सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाके के मरीजों को उठाना पड़ा। ग्रामीण इलाकों के कई स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला जड़ा हुआ है।संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले सहित छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं संविदा कर्मचारियों के हड़ताल के कारण हिल चुकी हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी NHM के 16 हजार से अधिक संविदा कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर है, जिला मुख्यालय के आगर क्लब मैदान में भी हड़ताल के पांचवे दिन मानव श्रृंखला बनाकर संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. कर्मचारियों का आरोप है कि वो दो दशक से ज्यादा समय से संविदा व्यवस्था में काम कर रहे हैं. लेकिन सरकार ने अब तक उनके स्थायीकरण और अन्य सुविधाओं को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया. मोदी की गारंटी और राज्य के कई नेताओं के समर्थन के बावजूद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों को अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है,

तख्ती और बैनर के साथ प्रदर्शन”: संविदा कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि सरकार ने वादे तो किए, लेकिन अब तक उन्हें पूरा नहीं किया गया! मैदान में NHM कर्मचारी तख्ती-बैनर के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. “संविलियन करो – अधिकार दो” और “संविदा कर्मियों का शोषण बंद करो” जैसे नारे पूरे मैदान में गूंज रहे हैं।

क्यों हड़ताल पर गए कर्मचारी – NHM कर्मचारी संघ का कहना है कि उनकी पीड़ा और लंबी सेवा के बावजूद उन्हें कभी स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला! हमने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी निभाई. जब पूरा देश घरों में था, तब NHM के कर्मचारी फ्रंटलाइन पर तैनात रहे. लेकिन आज हमें न नौकरी की सुरक्षा है, न मेडिकल सुविधा, न ही उचित वेतन।

अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए लगातार अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं! शुक्रवार को हड़ताल के पांचवें दिन एनएचएम कर्मचारियों ने अपने खून से नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर सरकार को पत्र लिखा है। इससे पहले महिला कर्मचारियों ने तीज से पहले अपने हाथो मे मेहंदी लगाकर सन्देश दिया है! एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि सरकार का ध्यान अपनी मांगों को लेकर आकृष्ट करने के लिए इस तरह का प्रदर्शन करना पड़ रहा है। एनएचएम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है! ऐसे में स्वास्थ्य से सबंधित शायद ही कोई ऐसा विभाग हो जहां इसका प्रभाव न पड़ा हो। लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाके के मरीजों को उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों के कई स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला जड़ा हुआ है। ऐसे में इलाज के लिए मरीजों को एक जगह से दूसरे जगह जाना पड़ रहा है। यदि कोई गंभीर मामला होता है तो यह स्थिति और भी गंभीर बन जाएगी। हड़ताल मे जिला अध्यक्ष पवन निर्मलकर संरक्षक अमित दुबे सहित बड़ी संख्या मे एनएचएम के कर्मचारी उपस्थित रहे! विनोद देवांगन,डॉ अखिलेश बंजारे, डॉ मीनाक्षी बंजारे, डॉ शशांक उपाध्याय,डॉ मोनिका कुर्रे, डॉ विजय लक्ष्मी यादव, डॉ ज्योति पाण्डेय, डॉ भास्कर सिँह राठौर,डॉ रुपेश जायसवाल, शैलेन्द्र पाण्डेय, मनीष गुप्ता, दीनदयाल बंजारे, प्रवीण चतुर्वेदी अमित सिंह, देवी प्रसाद,रितेश मिश्रा उषा देवांगन,हेमंत सिन्हा, वीणा टंडन, रुखमनी कुशराम, राजकुमार साहू, संतोषी कविता,जितेन्द्र गौचंद, केनेडी पौलुस,गोविन्द साहू,नम्रता बंजारे, दिव्या लहरे, खुसबू कौशिक, लक्ष्मी साहू, मनीषा साहू, अमित कौशिक, संगीता निर्मलकर,भाग्यश्री, महेशवरी,ममता अजगले, चित्रामनी साहू, रेनू मीरे, अभिमिता बख्स, शकुंतला, पुष्पांजलि, सुषमा पाण्डेरकर, नम्रता पाल, दुर्गा चौधरी, श्रेश्री, एवं राजश्री आदि उपस्थित रहे

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