नगर पालिका के सीएमओ द्वारा तोड़ने का नोटिस और दूसरी तरफ अध्यक्ष द्वारा उद्घाटन, इस दोहरे चरित्र को लेकर लोगों में आक्रोश

अभय न्यूज मुंगेली,
मुंगेली नगर पालिका एक बार फिर विवादों और चर्चाओं के केंद्र में है। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के पुराने इतिहास के बीच अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र पुराना बस स्टैंड के पास स्थित एक भू-खण्ड पर हुए कथित अवैध निर्माण को लेकर शहर में हड़कंप मचा हुआ है।
पूरा मामला क्या है ?
सरदार पटेल वार्ड निवासी किशोर बैरागी ने कलेक्टर को जनदर्शन में शिकायत सौंपते हुए बताया कि पुराना बस स्टैंड स्थित सीट नं. 38/सी, भू-खण्ड क्रमांक 45/1 की लगभग 2000 वर्गफुट भूमि पर बिना वैध अनुमति के दुकान और मकान का निर्माण किया गया है। शिकायत के मुताबिक, रुचि जैन (पति- गौतम चंद जैन) के नाम दर्ज इस भू-खण्ड पर नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किया गया है, जिससे न केवल शासन को आर्थिक क्षति हुई है, बल्कि नजूल भूमि पर कब्जे की आशंका भी है।
नगर पालिका ने खुद माना ‘अवैध’, फिर भी हुआ उद्घाटन
हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका प्रशासन ने खुद इस निर्माण को नियम विरुद्ध माना है। नगर पालिका द्वारा 01 जनवरी 2026 को जारी नोटिस (क्र. 34/4) में स्पष्ट कहा गया कि स्वीकृत भवन अनुज्ञा से अधिक क्षेत्र में निर्माण किया गया है। नोटिस में 2 दिनों के भीतर दस्तावेज पेश न करने पर अवैध निर्माण को ढहाने की चेतावनी दी गई थी। लेकिन प्रशासन की इस सख्ती के बीच एक नया राजनीतिक मोड़ तब आया, जब नगर पालिका अध्यक्ष ने स्वयं उसी निर्माणाधीन स्थल पर जाकर फीता काटा और दुकान का उद्घाटन कर दिया।
आम नागरिकों में भारी आक्रोश
एक तरफ सीएमओ द्वारा तोड़ने का नोटिस और दूसरी तरफ अध्यक्ष द्वारा उद्घाटन—नगर पालिका के इस दोहरे चरित्र को लेकर शहरवासियों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या नगर पालिका के नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं और रसूखदारों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
इस पर नगर पालिका मुंगेली सीएमओ, होरी सिंह ने अपने बयान में कहा “संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो एक अंतिम नोटिस के बाद नियमानुसार तोड़ने की कार्यवाही की जाएगी।” तथा नगर पालिका मुंगेली उपाध्यक्ष, जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि “नोटिस जारी होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा। मामले में जल्द ही सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।” अब गौर करने वाली बात यह है कि नगर पालिका के द्वारा किस प्रकार की कार्यवाही किया जाएगा।

