
अभय न्यूज मुंगेली,
आज 15 नवम्बर आदिवासी समाज के गौरव, वीर सपूत, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के 150 वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम किरण फ्यूल्स, रायपुर बाय पास मुंगेली के पास आयोजित की गई जिसमें जिले भर के समस्त आदिवासी समाज संगठनों ने मिलकर अपनी अस्मिता अधिकार और पहचान के लिए जिला स्तरीय जागरूकता अभियान चलाई गई जिसमें भारी संख्या में जिले भर के आदिवासी समाज एकत्रित हुए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय गोंड महासभा मुंगेली के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र मरावी व कार्यक्रम को सफल बनाने महासचिव उत्तम ध्रुव, जिला उपाध्यक्ष जिगेश्वर ध्रुव, मलिक मंडल ध्रुव, प्रेमसागर ध्रुव सरपंच खैरवार बैरागी, मोतीराम जगत सहित अन्य का योगदान रहा। 
ज्ञात हो कि आदिवासी समाज लगातार अपनी अस्मिता अधिकार और पहचान के लिए शासन के सामने अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं लेकिन कहीं न कहीं इनके अधिकार और पहचान में वांछित हक नहीं मिलने के कारण आदिवासी समाज को लगातार अपनी मांगों को शासन के सामने मांगने में मजबूर होना पड़ता है। आज आदिवासियों में भगवान बिरसा मुंडा के 150 वीं जयंती पर मुंगेली जिले में सर्व आदिवासी समाज के द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित कर अपनी मांगों को बुलंद करते हुए मुख्यमंत्री के नाम अनिविभागीय अधिकारी के हाथों ज्ञापन सौंपे। ये है प्रमुख मांगे :-

इन मांगों को लेकर केंद्रीय गोंड महासभा अध्यक्ष वीरेंद्र मरावी ने कहा हमारी सभी मांग जायज है हम सर्व आदिवासी समाज मिलकर लगातार शासन से अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप रहे हैं लेकिन शासन की ओर से आजतक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिससे सर्व आदिवासी समाज में रोष व्याप्त है । अगर अब भी शासन की ओर से इन मांगों पर कोई पहल नहीं की जाती है तब सर्व आदिवासी समाज आगे की रणनीति बनाने बाध्य होगी। मुंगेली में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के 150 वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम में जिले भर के सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी सहित सदस्य शामिल रहे। इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय गोंड महासभा मुंगेली जिला मीडिया प्रभारी कृष्ण कुमार ध्रुव ने बताया की अभी तक सर्व आदिवासी समाज शासन से अपनी मांगों को शांति पूर्वक मानने कोशिश की जा रही है। बार बार ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी समाज की समस्याओं व मांगों को शासन को अवगत करा रही है लेकिन अभी तक आदिवासी समाज की मूलभूत मांगों को शासन के द्वारा अनदेखा की जा रही है जिससे आदिवासी समाज आक्रोशित है अगर आगे इन मांगों पर कोई विचार नहीं करती है तो सर्व आदिवासी समाज नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा। इस कार्यक्रम में जिले भर के सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी सहित सक्रिय सदस्य, मातृ शक्ति, पितृ शक्ति व युवा शक्ति शामिल रहे।

