
मुंगेली,
थाना सिटी कोतवाली मुंगेली के अपराध क्रमांक 140/24 धारा 302 ,201 एवं धारा 324 भारतीय दंड विधान में अभियुक्त राजू उर्फ मंगलू पिता रामचरण निषाद उम्र 21 वर्ष निवासी संगवाकापा थाना सिटी कोतवाली मुंगेली को धारा 302 भारतीय दंड विधान के अपराध में दोषसिद्ध करते हुए न्यायालय सत्र न्यायाधीश पीठासीन अधिकारी श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी मुंगेली द्वारा आजीवन कारावास एवं अर्थ दंड से दंडित किया गया । घटना दिनांक 25 3.2024 को शाम करीब 7:00 बजे शत्रुघ्न उर्फ राजू नेताम गांव के गोपी नेताम की दुकान से मिक्सर खाई खजाना खरीद कर विष्णु निषाद के दुकान के सामने मिक्सर खा रहे थे इसी दौरान अभियुक्त राजू निषाद अपने घर की तरफ से टंगिया लेकर आया और प्रार्थी आहत विनय मरावी तथा उसके भाई शत्रुघ्न उर्फ राजू नेम को मां बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए पुरानी रंजिश को लेकर शत्रुघ्न उर्फ राजू नेताम को टांगिया से सिर में पीछे तरफ तीन बार वार किया. प्रार्थी / आहत विनय मरावी बीच बचाव किया तब उसे भी आरोपी टांगिया से उसके दाहिने गाल में मारपीट किया जिस कारण उसके भाई शत्रुघ्न उर्फ राजू नेताम के गर्दन के पीछे तरफ गहरी चोटें आई और खून निकला और उसका गला कट गया था और बहुत ज्यादा संघतिक चोटे आई थी मारपीट के बाद आरोपी राजू निषाद जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गया तब प्रार्थी / आहत विनय मरावी के द्वारा घटना की जानकारी अपने पिता चंद्रेश कुमार मरावी एवं बड़े पिता परदेसी नेताम को दी तब वह मौके पर जाकर विनय एवं उसके भाई शत्रुघ्न उर्फ राजू को इलाज हेतु मुंगेली के अस्पताल में भर्ती किया ।प्रार्थी / आहत विनय मरावी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर थाना सिटी कोतवाली मुंगेली के द्वारा आरोपी के विरुद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज की गई तथा अन्वेषण किया गया अभियोजन ने अपने पक्ष के समर्थन में कुल 25 गवाहों को न्यायालय के समक्ष परीक्षित कराया अभियोजन का यह मामला युक्ति युक्त से परे प्रमाणित करने में सफल रहने के कारण आरोपी को आजीवन कारावास से दंडित करने का निर्णय दिया गया है! घटना की कहानी इस प्रकार है
आरोपी के द्वारा दिनांक 25/ 3/2024 को समय 19:00 स्थान विष्णु निषाद के दुकान के सामने सांगवा कापा थाना सिटी कोतवाली मुंगेली जिला मुंगेली क्षेत्र अंतर्गत लोक स्थान उसके समीप प्रार्थी विनय मरावी को टंगिया से मार कर स्वेच्छा साधारण उपहती किया एवं मृतक शत्रुघ्न उर्फ राजू नेम को लोहे की टांगिया से सिर व गर्दन में मारकर शासय मृत्यु कारित किया एवं यह जानते हुए की शत्रुघ्न उर्फ राजू नेताम की हत्या हुई है स्वयं को हत्या के वैध दंड से प्रतिछादित करने के आशय से अपराध में प्रयुक्त लोहे की टांगिया को अपने घर की बाड़ी में छुपा कर साक्ष्य का विलोपन कारीत किया , इस कारण आरोपी राजू उर्फ मंगलू को धारा 302, 201 भारतीय दंड संहिता के आरोप में दोषी ठहराया गया तथा धारा 324 भारतीय दंड संहिता के स्थान पर उसके लघुत्तर धारा 323 भारतीय दंड संहिता के अधीन दंडनीय अपराध के अपराध में आरोपी को दोषसिद्ध किया गया। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने प्रकरण की पैरवी की।